हम हैं दोगले इंसान
मेरे मरने पर जब मेरी सारी चीजें फेंक देते हो या दान कर देते हो...
तो फिर मेरे गहने, रुपए, गाड़ियां, घर आदि भी दान कर देते...
असल में तुम लालची बहुत हो यार, तुम स्वार्थी बहुत हो यार
जब तक मैं मूल्यवान रहा, तब तक ही कर सके हो तुम प्यार।
तुम स्वार्थी बहुत हो यार...
हम तो हैं दोगले इंसान...
गोल्ड कैसे कर दें दान...
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