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Showing posts from November, 2025

मर्द

सबके सपने पूरे करने को तुम्हें सोते हुए जगते देखा है। सबकी इच्छा पूरी हो, इसलिए, खुद की इच्छा मार, तुम्हें  खुद को ही ठगते देखा है। जीवन मिल सके सबको, इसलिए तुम्हें जीते जी मरते देखा है। तुमने ही तो दी है सबको, आज जो परिवारों की रूपरेखा है। कौन हो तुम कब से सोच रहे हो,  सुनो! वही मर्द है ये, जिसे तुमने हर रोज शीशे में देखा है। Happy International Men's Day 🥳 Happy international Men's Day...🥳

सूखे आंसू...

अंखियों का ये पानी बेवफ़ा  दर्द को मेरी जाने ना लहू से लथपथ है दिल मेरा, बहना भी ये जाने ना...

वोट वाले नेता

 फ़रिश्ते ऐसे आते हैं जैसे अब उनके ही हमारे घर हो गए,  मौसम बदलते ही फुर्र हो जाते हैं मानो उनके पर हो गए।

आँखें

 आँखों की बातों से, आँखें हो गईं नम। आँखों ने क्या देख लिया जो देख न पाए हम।